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हरियाणा क्लर्क 6000 पदों की भर्ती से बैन हटा , पेपर लीक की याचिका ख़ारिज

हरियाणा में पिछली साल क्लर्क की परीक्षा हुई और बाद में परीक्षा के दौरान नक़ल कराये जाने के मामले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के खिलाफ याचिका दायर की गयी। जिस पर आज 09 अक्टूबर 2017 को सुनवाई थी।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को हरियाणा में 6000  से ज्यादा क्लर्क भर्ती परीक्षा के परिणाम पर लगी रोक हटाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।



याची का नाम मुकेश है जो रोहतक निवासी है , याची ने  पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए परीक्षा रद कराने की मांग की थी। इस पर हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की जांच में पेपर लीक जैसा कुछ नहीं मिला। सरकार ने बताया कि इस मामले में याची खुद उम्मीदवार भी नहीं है और उसने भर्ती में रोड़ा अटकाने के लिए याचिका दायर की है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने भी अपने जवाब में पेपर लीक के आरोपों को नकारा। आयोग का कहना था कि मामला छोटी मोटी नकल का है, पेपर लीक का नहीं।


नकल होने की खबरों को बनाया था याचिका का आधार

हरियाणा में पिछले साल 13 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक छह हजार से ज्यादा क्लर्क के पदों के लिए लिखित परीक्षा हुई थी। इसके लिए सात लाख से ज्यादा आवेदन आए थे और तीन लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। दिसंबर में परीक्षा के दौरान कुछ सेंटर पर पेपर लीक की शिकायत आई थी। याची नकल की खबरों को आधार बनाते हुए याचिका दायर की थी।

याची ने हाईकोर्ट में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन का अखबार में प्रकाशित वह बयान भी पेश किया जिसमें उन्होने पेपर लीक की जांच कराने के लिए कहा था। याची ने सुप्रीम कोर्ट की एक जजमेंट की रूलिंग पेश की, जिसमें कहा गया था कि किसी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है तो परीक्षा फिर से होनी चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग से जवाब तलब किया था और याचिका के निस्तारण तक परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी।

स्रोत: दैनिक जागरण

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